नयी 2018 Hyundai Santro को ड्राइव करना कुछ ऐसा लगता है…

हमने हाल में ही नयी Hyundai Santro को कंपनी के चेन्नई वाले टेस्ट ट्रैक पर चलाया है और इसका शुरूआती प्रभाव काफी प्रभावी रहा है. नयी Santro में वही 1.1-लीटर-4-सिलिंडर पेट्रोल इंजन है जिसे अब नए उत्सर्जन नियम का पालन करने के लिए ट्यून किया गया है. ये 69 पीएस का पॉवर और 99 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करता है और इसकी माइलेज प्रमाणित 20.3 किमी/लीटर है. बताते चलें की Maruti Celerio में आपको 67 पीएस और 90 एनएम के आउटपुट के साथ 23.1 किमी/लीटर का प्रमाणित माइलेज मिलता है!

Hyundai Santro 1

जहां नए Santro में 5-स्पीड गियरबॉक्स स्टैण्डर्ड है, इसमें एक कंपनी द्वारा ही विकसित किया हुआ AMT मिलता है जो केवल मिड-लेवल Magna और Sportz वर्शन पर मिलेगा. नयी Santro को 5 वर्शन में उतारा जाएगा Dlite, Era, Magna, Sportz और Asta.

एन्गिएन चालू करते ही नयी Santro काफी स्मूथ लगती है, अपने प्रतिद्वंदियों के विपरीत इसमें 4-सिलिंडर इंजन है और इसलिए यहाँ आपको 3-सिलिंडर इंजन वाले वाइब्रेशन नहीं मिलेंगे. पहला गियर डालते ही आपको उत्तम शिफ्ट क्वालिटी मिलती है, शायद ये इस सेगमेंट में सबसे अच्छा गियर शिफ्ट है, और Hyundai इसके लिए प्रसिद्ध भी है. एक्सीलीरेटर दबाइए और Santro काफी चपलता से आगे बढ़ती है. कुछ ही मिनट में ये नयी Hyundai कार सभी को भा जायेगी.

हालांकि इसकी पॉवर डिलीवरी Celerio जितनी चपल नहीं है, अपने गियरबॉक्स के चलते ये 6000 आरपीएम तक चली जाती है और इस प्रक्रिया में इसकी आवाज़ बेहतरीन होती है. 2,500 आरपीएम से 3,500 आरपीएम पर आपको केबिन के अन्दर आपको साफतौर पर आवाज़ आती है. पीछे बैठे लोगों के लिए ये एक चिंता का विषय हो सकता है.

Hyundai Santro 2

कम इंजन स्पीड पर रिस्पांस अगर बेहतरीन नहीं तो बेहतर है, लेकिन हमें इसकी हैंडलिंग ज़्यादा पसंद आई. Santro चलाते हुए इसके एक अनुभवी कार होने का एहसास होता है और ये असल आकार से ज़्यादा बड़ी कार मालूम पड़ती है. इसकी स्टीयरिंग हल्की है, विसिबिलिटी बेहतरीन है, और सड़क की आवाज़ का संतुलन बेहतरीन है. AMT वैरिएंट की बात करें तो इसका क्रीप फंक्शन मेरी IGNIS AMT से बेहतर है. D गियर में जाइए, ब्रेक से पैर हटाइए और कार बिना किसी हिचकोले के आगे बढ़ जाती है. जैसे-जैसे इंजन स्पीड बढ़ती है, इसका शिफ्ट और बेहतर हो जाता है, और हाँ आप लीवर को दायीं ओर सरका कर मैन्युअल कण्ट्रोल ले सकते हैं. एक बात जो हमारे ध्यान में आई वो ये है की इसे पहले से दूसरे और दूसरे से तीसरे गियर शिफ्ट बड़ी आसानी से मन की मर्ज़ी के हिसाब से किया जा सकता है, ये तीसरे से चौथे गियर में इतनी जल्दी नहीं जाती.

हमें लगता है ये जानबूझ कर किया गया है ताकि चलती हुई ट्रैफिक में ड्राईवर तीसरे गियर में रहकर गाड़ी पर कण्ट्रोल बनाए रखे. गाड़ी चौथे गियर में एक-दो सेकेण्ड के विलम्ब से तब जाती है जब AMT कण्ट्रोल को पता लगता है की गाड़ी अब एक्सीलिरेट कर रही है और इसे लो गियर में रहने की ज़रुरत नहीं है. गाड़ी 1,900 आरपीएम पर चौथे से पाँचवे गियर में नहीं जाती, मैन्युअल मोड में भी नहीं. हमें लगता है की Santro एसी के साथ शहर में 14-15 किमी/लीटर तक का माइलेज दे सकती है.

ट्रैक पर 5 मिनट गाड़ी चलाकर हम इसपर कोई फैसला नहीं दे सकते लेकिन ये हमें एक अंदाजा देता है की Santro कैसी गाड़ी है. रिचक बात है की इसमें ड्राईवर सीट और स्टीयरिंग के लिए कोई भी एडजस्टमेंट नहीं है, हमें ये उम्मीद नहीं थी. इसके अलावे, कार फ़ीचर्स से भरी हुई है. हमें ये बात काफी पसंद है की पीछे वाली खिड़की आगे वाले से बड़ी है जो केबिन को हवादार बनाता है और पीछे बैठे पैसेंजर को अच्छी विसिबिलिटी देता है.

कुल मिलाकर इसका डिजाईन सीधा-सा है, इसकी ड्राइविंग अच्छी है, इसकी हैंडलिंग बेहतरीन है, और इसके इंजन में पर्याप्त चपलता है. मेरे मत में अगर Hyundai इसकी कीमत 3.7–3.9 लाख रूपए के बीच रखती है, डीलर्स को एक अच्छी भीड़ संभालनी पड़ जायेगी. जहां इसका लॉन्च 23 अक्टूबर को होना है, हम इसे 27 को भुवनेश्वर में और उसके इर्द-गिर्द चला रहे होंगे.