Accent Viva से Terracan तक: भारत में Hyundai की 10 भुला दी गईं कार्स

Hyundai Motor India Ltd (HMIL) देश में दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता है. उनकी अधिकांश कार अच्छी संख्या में बिकती हैं और अपने कई प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में काफी लोकप्रिय हैं. हालांकि, Hyundai की आज तक की सारी कार्स इतनी अच्छी संख्या में नहीं बिकी हैं, जिसका मतलब है कि आप कुछ के अस्तित्व को भूल गए होंगे. भारत में Hyundai की 10 भुलाई जा चुकी कारों की एक लिस्ट यहां दी गई है.

Tucson (फर्स्ट जनरेशन)

हमें पूरा यकीन है कि आप में से कई लोगों को पहली Tucson SUV याद होगी. Tucson का पहला जेनेरशन मॉडल भारत में 2005 में लॉन्च किया गया था. उन दिनों, Tucson देश की लक्जरी सॉफ्ट-रोडर्स में से एक थी. हालांकि, भारतीय बाजार ऐसी कारों के लिए तैयार नहीं था और Tucson को शायद ही कोई ख़रीदार मिले. इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि देश में Tucson का उत्पादन बंद कर दिया गया था. हमें अगली-जेनेरशन की Tucson भी नहीं नसीब हुई. अंत में, इस कार का तीसरी पीढ़ी मॉडल 2016 के अंत में यहां लॉन्च किया गया था.

Elantra (चौथा जनरेशन)

Hyundai Elantra D1-सेगमेंट सेडान को पहली बार 2004 में भारत में लॉन्च किया गया था. उस समय, Toyota Corolla Altis एकमात्र D1-सेगमेंटर थी जो वास्तव में अच्छी तरह बिक रही थी. इसके अलावा, थोड़ी अजीब फ्रंट एंड स्टाइल के कारण लोग इस सेडान को खरीदने से बचते थे. इसे कार का उत्पादन 2010 में बंद कर दिया गया था.

Sonata Embera

Hyundai Sonata Embera 2004 में भारत आई, और देश में सबसे महंगी Hyundai सेडान थी. वैश्विक स्तर पर, ये विशाल Sonata सेडान की पांचवीं पीढ़ी थी. हालांकि, भारत में, ये Honda Accord से खरीदारों को ध्यान आकर्षित नहीं कर सकी. Embera देश में चार साल तक बिक्री पर थी लेकिन वास्तव में बहुत कम बिक्री के कारण लोगों को ये कार याद नहीं है.

Sonata Gold

देश में अपने शुरूआती वर्षों में Sonata Gold, Hyundai की प्रमुख पेशकश थी. इसका Jaguar S-type जैसे स्टाइल ने कई लोगों को आकर्षित किया था. हालांकि, Shahrukh Khan के ब्रांड के साथ सहयोग के बावजूद Sonata के Toyota Corolla और Honda Accord की तुलना में ज़्यादा ख़रीदार नहीं मिले. 2005 में Sonata Gold का उत्पादन आख़िरकार बंद कर दिया गया.

Fluidic Sonata

यहां तक ​​कि छठी पीढ़ी की Hyundai Sonata भी यहाँ लॉन्च की गई थी. कार 2012 में आई थी और इसकी कीमत 18 लाख रूपए से ज़्यादा थी. ये कार आश्चर्यजनक लगती थी और फीचर्स की एक लंबी लिस्ट के साथ आती थी. हालांकि, यह वास्तव में अपने प्यासे पेट्रोल इंजन और अधिक कीमत के कारण ज्यादा नहीं बिकी थी.

Terracan

Hyundai ने 2003 में एक लक्जरी SUV भी लॉन्च की थी. Terracan एक दमदार प्रतियोगी थी जो 2.9-लीटर टर्बोचार्ज इंजन से सुसज्जित थी. इसका इंजन 148 बीएचपी और 343 एनएम उत्पन्न करता था. हालांकि, Terracan अपने समय से थोड़ा आगे थी और इसलिए इसे ज़्यादा ख़रीदार नहीं मिल सके थे.

Getz

भारत में Hyundai Getz B1-सेगमेंट हैचबैक 2004 में लॉन्च की गई थी. Getz काफी स्पेसियस थी जिसकी राइड क्वॉलिटी सभ्य थी. इस कार के करियर के अंतिम चरण में इसका डीजल मोटर वर्शन भी लाया गया था. ये 1.5 लीटर इंजन 110 बीएचपी और 235 एनएम उत्पन्न करता था. एक बहुत अच्छी कार होने के बावजूद, तमाम लाइमलाइट फंकी दिखने वाली Maruti Swift द्वारा चुरा ली गई थी.

Accent Viva

Hyundai Accent मूल रूप से Accent C1-सेगमेंट सेडान का एक नौचबैक वर्शन थी. Viva ने एक पारिवारिक कार समेत मज़ेदार सेडान की तलाश करते खरीदारों को भी लक्षित किया था. स्टाइलिश नौचबैक के अलावा, Viva में बेहद लोकप्रिय 1.5 लीटर CRDI इंजन भी था जो 82 पीएस और 187 एनएम उत्पन्न करता था. हालांकि, Accent Viva के कम ख़रीदार होने के कारण इसका उत्पादन बंद कर दिया गया था.

Santa Fe (सेकेण्ड जनरेशन)

दूसरे-जेनेरशन की Hyundai Santa Fe को भारत में एक बहुत ही भारी कीमत के साथ लॉन्च किया गया था, जो मुख्य रूप से CBU ड्यूटीज़ के कारण था. प्रीमियम SUV ख़रीदार Santro के निर्माताओं को इतना पैसा देने पर बहुत उत्सुक नहीं थे और अत्यधिक लोकप्रिय Toyota Fortuner ने भी इस SUV के कई खरीदार काटे थे.

Santa Fe (तीसरा जनरेशन)

दूसरी पीढ़ी की Santa Fe के बाद इस SUV का तीसरे पीढ़ी वर्शन लाया गया था, जो अपने Fluidic डिजाइन के कारण अधिक आधुनिक और आकर्षित दिखती थी. जबकि Santa Fe का ये वर्शन अपने पिछले पुनरावृत्ति से बेहतर बिका था, लेकिन फिर भी इसकी बिक्री Toyota Fortuner के आस-पास नहीं पहुँच सकी. Santa Fe का उत्पादन आख़िरकार पिछले साल बंद कर दिया गया था.

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