इस हैदराबाद के आदमी ने 135 बार तोड़े ट्रैफिक नियम: बाइक हुई जब्त

जब से भारत में इलेक्ट्रॉनिक चालान सिस्टम की शुरुआत हुई है, कई लोगों को नियम तोड़ने वक़्त पता भी नहीं रहता कि उन्होंने कोई गलती की भी है या नहीं. एक ऐसा ही वाकया हैदराबाद में हुआ जहाँ Krishna Prakash नाम के एक व्यक्ति ने 135 बार ट्रैफिक नियम तोड़ कर एक विश्व रिकॉर्ड बना लिया. इसके बाद पुलिस ने उनकी मोटरसाइकिल जब्त कर ली है.

आखिर हुआ क्या था?

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हैदराबाद के अलवल में रहने वाले एक नागरिक की मोटरसाइकिल — पंजीकरण संख्या TS10 ED 9176 — पर 135 ट्रैफिक चालान लगे हैं. यह सभी चालान पुलिस द्वारा निगरानी के बाद एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के ज़रिये जारी किये गए थे. एक नियमित ट्रैफिक जांच के दौरान Himayatnagar Y-Junction पर इस मोटरसाइकिल को रोक लिया गया. जब पुलिसवालों ने इस बाइक की पंजीकरण संख्या चालान मशीन में डाली तो उन्हें इस मोटरसाइकिल पर 135 चालान मिले.

इस बाइक पर कुल बकाया जुर्माना 31,556 रूपए था. पुलिस ने इसके मालिक के खिलाफ तुरंत एक केस दायर किया और यह मोटरसाइकिल जब्त कर ली. अब Krishna Prakash को अदालात में केस की सुनवाई के दौरान मौजूद रहना होगा और बाइक वापस पाने के लिए पूरा जुर्माना भरना पड़ेगा. इस बाइक पर जारी हुए चालान के विभिन्न कारण है जैसे बाइक चलाते समय फ़ोन पर बात करना, सड़क पर गलत तरफ बाइक चलाना, और बिना हेलमेट के बाइक चलाना. इसके अलावा बार-बार ट्रैफिक लाइट तोड़ना भी इस सूची में शामिल है. सबसे ज्यादा चालान मोटरसाइकिल चलाते वक़्त फोन के इस्तेमाल के कारण जारी किये गए और दूसरा नंबर ट्रैफिक लाइट तोड़ने के जुर्म का था.

मोटरसाइकिल जब्त करने वाली ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि यह सभी चालान ऑनलाइन इस बाइक मालिक को दिए गए थे. मगर जब चालान की संख्या काफी ज्यादा हो गयी तो पुलिस ने इस बाइक मालिक के घर एक नोटिस भेजा. इसके बावजूद Krishna ने पुलिस के इस नोटिस को नज़रंदाज़ किया और बिना जुर्माना भरे शहर की सड़कों पर अपनी मोटरसाइकिल चलाते रहे.

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भारत में इलेक्ट्रॉनिक चालान अब एक बात होती जा रही है. पुलिस अब उच्च-कोटि के कैमरा का इस्तेमाल कर शहर में ट्रैफिक पर निगरानी रखती है और नियम तोड़ने वालों की तस्वीरें खींच कर उनके खिलाफ जुर्माना लगाती है. यह जुर्माना इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से नियम तोड़ने वालों तक भेज दिया जाता है. इससे पुलिस का काफी समय बचता है मगर इस सिस्टम में कुछ खामियां ज़रूर हैं. ट्रैफिक पुलिस खुद जाकर नियम तोड़ने वालों के कागज़ात नहीं जांच पाते और इसलिए लोग जाली नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर पुलिस को पागल बना देते हैं. ऐसे में कई बार चालान ऐसे लोगों के खिलाफ ज़ारी कर दिया जाता है जिनको कोई गलती भी नहीं है.

मगर अब यही तरीका सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है और भारत जैसे देश में यह ज़रूरी भी है. ऐसा करने से बाइक चालकों के मन में दर पैदा होगा और पुलिस के ना होने पर भी वह नियम तोड़ने से बचेंगे. हर राज्य की ट्रैफिक पुलिस ने अपनी एक वेबसाईट बना रखी है जहां आप अपनी बाइक का पंजीकरण नंबर डाल उस पर जारी किये गए चालान के बारे में जानकारी ले सकते हैं.