7 कारण की आपकी पहली गाड़ी सेकंड हैण्ड कार ही क्यों होनी चाहिए…

कार खरीदने की सोच रहे हैं? आप पहले ही नए कार के विज्ञापन देख अपने मन में लम्बी राइड और नए जगहों पर जाने के खयाली पुलाव पका रहे होंगे, और कार डीलरशिप्स पर जाकर आप काफी प्रसन्न भी हुए होंगे. लेकिन चूंकि ये आपकी पहली गाड़ी है, आपको एक सेकंड हैण्ड कार लेनी चाहिए. यहाँ शायद हमने आपके उत्सुकता को थोडा कम कर दिया हो, लेकिन हम आपको 7 कारण देंगे की क्यों आपको अपनी पहली कार सेकंड हैण्ड ही लेनी चाहिए.

1. पैसे बचाइये

चूंकि ये आपकी पहली कार है, ज़्यादा पैसे खर्च करने की ज़रुरत नहीं है. एक नयी कार खरीदने की जगह आप एक सेकंड हैण्ड कार एवं 2 विदेश यात्राओं पर जा सकते हैं. एक उदाहरण है एक साल पुरानी Honda City V MT जो नए मॉडल की 11 लाख रूपए की जगह 7-7.5 लाख रूपए में उपलब्ध है. यहाँ आप आराम से 4 लाख रूपए बचा सकते हैं. आप ऐसे और भी ऑप्शन के लिए Droom पर जा सकते हैं जो सेकंड हैण्ड कार्स के लिए इंडिया की सबसे भरोसेमंद जगह है. और आप Orange Book Value के साथ सही मार्केट प्राइस को लेकर भी आश्वस्त हो सकते हैं. इसमें बस 10 सेकंड खर्च होते हैं और ये फ्री है (इंडिया की इकलौती प्राइसिंग बेंचमार्क टूल, जो स्वतंत्र, विषयनिष्ठ, और निष्पक्ष है).

2. आप अपग्रेड कर सकते हैं

जब आप कार पहली बार खरीद रहे हैं, उम्मीद है की आप ऐसी कार चाहेंगे जो आपको अच्छा एक्सपीरियंस दे. कीमतें कम होने के चलते, आप ऐसी कार खरीद सकते हैं जो ज़्यादा महंगी हो. उदाहरण के लिए अगर आपका बजट 4 लाख रूपए है, आप नयी कार में एंट्री लेवल हैचबैक ही खरीद पायेंगे. लेकिन इतने ही पैसे में आप आसानी से Swift या i20 जैसी 2 साल पुरानी काफी बड़ी हैचबैक खरीद पायेंगे. आप अपनी सपनों की गाड़ी को सेकंड हैण्ड कार मार्केट में बहुत अच्छे दामों में खरीद सकते हैं.

3. दुर्लभ कार्स

सेकंड हैण्ड कार मार्केट में आप ऐसी कार्स भी खरीद सकते हैं जो मॉडल अपडेट का खराब सेल्स के चलते बंद हो गए थे, लेकिन कुछ लोगों को बहुत पसंद आई थीं. Maruti Celerio Diesel के जैसे: ये छोटी हैचबैक एक किफायती डीजल इंजन के साथ आती थी जो शहर के अन्दर लगभग 20 किमी/लीटर तक का माइलेज देती थी. इसलिए अगर आप एक छोटी हैचबैक को ढूंढ रहे हैं जो जगहदार, भरोसेमंद होने के साथ ही किफायती भी है, तो आपको सेकंड हैण्ड कार चुनना चाहिए. इसी तरह अगर आप एडवेंचर की तलाश में हैं तो पुरानी Mahindra Scorpio S4 4WD कम कीमत पर अच्छी कार है. अगर आप नए कार की जगह सेकंड हैण्ड कार लेते हैं तो आपको ऐसी बेहतरीन डील्स मिल सकती हैं.

4. परफॉरमेंस चाहने वालों के लिए बेहतर

अगर पहली कार खरीदते वक़्त आपको परफॉरमेंस की तलाश है तो आपको सेकंड हैण्ड कार मार्केट में कुछ बेहतरीन ऑप्शन मिल जायेंगे. एक एसिया ही उदाहरण है Chevrolet Cruze – जो अब बंद हो चुकी है – आप Droom पर ऐसी कार्स को आसानी से 4 लाख रूपए तक में पा सकते हैं और ये इस डीजल रॉकेट को बेहतरीन डील बनाती है. इसी की तरह Fiat के फैन Abarth परफॉरमेंस मॉडल चुन सकते हैं और जिन्हें जर्मन इंजीनियरिंग पसंद है वो Polo 1.6 डीजल और 1.2 TSI पेट्रोल चुन सकते हैं. इन कार्स के पहले तीन सालों में ही इनकी कीमत 50% से ज़्यादा कम हो जाती है और ये आपके लिए खुशखबरी से कम नहीं. आप इसके साथ की गाड़ी की फेयर कीमत भी चुन सकते हैं.

5. नए लोगों के लिए बेहतरीन

चूंकि आप कार्स के दुनिया में नए हैं, आपको पहली गाड़ी के रूप में सेकंड हैण्ड कार के अलावे और कुछ नहीं लेना चाहिए. आप अपने नए कार को स्क्रैच या डेंट से भरा हुआ नहीं देखना चाहते हैं, है ना? इसी तरह नए-नवेले ड्राइवर्स के चलाने से क्लच, ब्रेक्स, और इंजन के अंदरूनी पुर्जों पर जोर पड़ता है. इसलिए एक सस्ती सेकंड हैण्ड कार पर आप अपनी ड्राइविंग को बेहतर कर एक नयी एवं और अच्छी कार खरीद सकते हैं.

6. पसंद की भरमार

एक बजट के लिए नए कार के मार्केट में कुछ सीमित ऑप्शन ही होते हैं. वहीँ दूसरी तरफ, सेकंड हैण्ड कार मार्केट ऑप्शन्स से भरा पड़ा है. जैसे अगर आपका बजट 5 लाख रूपए का है, आप प्रीमियम हैचबैक्स से लेकर सेडान और कॉम्पैक्ट SUVs तक में से चुन सकते हैं. जी हाँ, आपने सही पढ़ा.

7. कम बीमा खर्च

नयी कार के एक्स-शोरूम कीमत और ऑन-रोड कीमत में एक बड़ा अंतर होता है. बीमा जैसी चीज़ें नए कार के खर्च में और खर्च जोड़ती हैं. लेकिन सेकंड हैण्ड कार्स का बीमा काफी सस्ता होता है. जैसे आप ऑन-रोड 10 लाख रूपए की कीमत वाले कार के बीमा के लिए 27,500 रूपए तक खर्च कर सकते हैं, पर 2 साल पुरानी सेकंड हैण्ड कार के लिए आप इसकी आधी कीमत चुकायेंगे. हर ओर बचत!

तो अगर आपका बजट 2 लाख रूपए, 5 लाख रूपए, या 10 लाख रूपए है. भरोसेमंद कार प्राइसिंग टूल्स के चलते सेकंड हैण्ड कार खरीदना कोई दिक्कत भरा काम नहीं रह गया है.

— स्पॉन्सर्ड —