6 Useless Accessories That Actually Harm Your Car 6 बिल्कुल बेकार एक्सेसरीज़ जो आपकी कार को नुक्सान पहुंचती हैं!

6 बिल्कुल बेकार एक्सेसरीज़ जो आपकी कार को नुक्सान पहुंचती हैं!

इंडिया में आफ्टरमार्केट कार एक्सेसरीज़ का एक बड़ा बाज़ार है और किसी भी प्रकार के गाड़ी के लिए कई प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं. लेकिन, कुछ एक्सेसरीज़ हैं जो आपके गाड़ी को फायदे से ज़्यादा नुक्सान पहुंचाते हैं. पेश हैं ऐसी ही 6 एक्सेसरीज़ जो आपको किसी भी कीमत पर नहीं खरीदनी चाहिए.

बुलबार्स

इंडिया में आपको बुलबार्स हर तरह की गाड़ी पर मिल जायेंगे. देश के तंग ट्रैफिक हालत, जहां कार्स अक्सर एक दूसरे से टकरा जाते हैं, को देखते हुए कार ओनर्स अपनी कार को छोटे-मोटे डेंट से बचाने के लिए अपनी गाड़ियों में बुलबार्स लगवाते हैं. भले ही बुलबार्स आपकी गाड़ी को छोटे स्क्रैच से बचा लेते हैं, एक्सीडेंट के दौरान ये बड़ी दिक्कत बन सकते हैं.

कैसे? अगर कार की टक्कर हो जाती है, बुलबार्स पहले टक्कर को सह लेते हैं और इस प्रभाव को गाड़ी के सब-फ्रेम को ट्रान्सफर कर देते हैं. टक्कर झेलने के लिए डिजाईन की गयीं कार्स में क्रम्पल ज़ोन होते हैं ताकि वो टक्कर के प्रभाव को पैसेंजर्स तक जाने से बचा लेता है. बुलबार्स गाड़ी के सब-फ्रेम या मोनोकॉक को काफी ज़्यादा डैमेज कर सकते हैं और अन्दर बैठे पैसेंजर्स को काफी जोर की टक्कर महसूस होती है. बुलबार्स एयरबैग्स को समय से खुलने से रोक भी लेते हैं, जिससे अन्दर बैठे लोगों को और भी ज़्यादा चोटें आती हैं.

स्पेसर्स

चौड़े ट्रैक टायर्स किसी भी कार पर अच्छे दिखते हैं लेकिन ऐसा लुक पाने के लिए स्पेसर्स का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. स्पेसर्स आपको बिना ज़्यादा खर्च किये हुए चौड़ा ट्रैक देते हैं लेकिन ये आपकी कार को काफी नुक्सान भी पहुंचाते हैं. सबसे पहले, व्हील बेअरिंग काफी जल्दी घिसने लगती है और कुछ मामलों में स्टड्स घिस जाते हैं. ऐसे मामले बेहद खतरनाक हो सकते हैं क्योंकि इसमें गाड़ी चलते वक़्त चक्का निकल सकता है और नतीजा जानलेवा हो सकता है. अगर अपनी जान और गाड़ी से प्यार है तो आपको किसी भी कीमत पर व्हील स्पेसर्स इस्तेमाल नहीं करने चाहिए.

लिफ्ट किट्स

लिफ्ट किट्स को ऑफ-रोडिंग गाड़ियों की ग्राउंड क्लीयरेंस बढाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिससे गाड़ी और भी ज़्यादा काबिल बन जाती है. ऐसी गाड़ियों को अक्सर एक ही मकसद से बनाया जाता है और वो सड़क पर चलना नहीं होता है. लेकिन, कई लोग हैं जो बस तगड़े रोड प्रजेंस के लिए गाड़ियों में लिफ्ट किट लगवाते हैं. लिफ्ट किट्स खतरनाक हो सकते हैं क्योंकि वो गाड़ी के हैंडलिंग पर प्रभाव डालते हैं. लिफ्ट किट्स से गाड़ी का गुरुत्वाकर्षण केंद्र ऊंचा हो जाता है जिससे गाड़ी काफी अस्थिर हो जाती है.

ऑफ-रोडिंग के दौरान गाड़ी की स्पीड बेहद कम होती है और इसमें गुरुत्वाकर्षण केंद्र का बड़ा हाथ नहीं होता है. लेकिन, तेज़ रफ़्तार पर गुरुत्वाकर्षण केंद्र ऊंचा होने से गाड़ी के रोल होने के आसार बढ़ जाते हैं. आपातकाल में गाड़ी मोड़ने या ब्रेक लगाने से आपकी गाड़ी पलटी खा सकती है जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है.

बॉडी किट्स

बॉडी किट्स गाड़ी को एक अलग और महंगा लुक देते हैं पर अगर इनका ग्राउंड क्लीयरेंस कम हो तो ये गाड़ी को काफी नुक्सान पहुंचा सकते हैं. इंडिया के रोड्स पर लो कार्स का चलना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि यहाँ पार्किंग रैम्प और स्पीड ब्रकेर्स जैसी चीज़ें लो कार्स के लिए डिजाईन नहीं की जातीं. बॉडी किट कार के ग्राउंड क्लीयरेंस को बेहद कम कर देता है जिससे गाड़ी का एप्रोच और डिपार्चर एंगल कम हो जाता है. अगर बॉडी किट्स लगे कार्स को आप बेहद ध्यान से नहीं चलाते, ये गाड़ी को काफी नुक्सान पहुंचा सकते हैं.

ट्यूनिंग बॉक्स

ट्यूनिंग बॉक्स इंडिया में गैरकानूनी हैं लेकिन मार्केट में ऐसे कई बॉक्स उपलब्ध हैं. ट्यूनिंग बॉक्स सॉफ्टवेर की मदद से डीजल कार के इंजेक्टर को इंजन में ज़रुरत से ज़्यादा फ्यूल पहुंचाने पर मजबूर कर देता है. डीजल इंजन ज़रुरत से ज़्यादा फ्यूल जलाने के लिए डिजाईन किये जाते हैं जिसके चलते इंजन ज़्यादा पॉवर और टॉर्क उत्पन्न करने लग जाता है. ट्यूनिंग बॉक्स गाड़ी की परफॉरमेंस तो बढाता है लेकिन ये उसे नुकासन भी पहुँचाता है.

कुछ एडवांस्ड ट्यूनिंग बॉक्स टर्बोचार्जर्स को भी कण्ट्रोल करते हैं ताकि वो ज़्यादा बूस्ट उत्पन्न कर इंजन में और भी पॉवर पैदा करें. इंजन को अतिरिक्त पॉवर हैंडल करने के लिए डिजाईन नहीं किया जाता है और वो कुछ हज़ार किलोमीटर चलने के बाद खराब हो जाते हैं. चूंकि ये गैरकानूनी होते हैं, आपकी गाड़ी इसके चलते ज़ब्त हो सकती है और अगर सर्विस सेण्टर को इसके बारे में पता चल गया, आप अपनी गाड़ी के वारंटी से हाथ धो बैठेंगे.

ओवरसाइज़ टायर्स

जहां टायर के साइज़ को कुछ मिलीमीटर बढ़ाना कोई दिक्कत नहीं होती, ओवरसाइज़ टायर्स लगाना आपकी गाड़ी के लिए काफी बुरा हो सकता है. अगर आपकी गाड़ी में एक निश्चित साइज़ का टायर लगता है, ब्रेक्स और सस्पेंशन से लेकर बाकी साड़ी चीज़ें उसी टायर साइज़ के हिसाब से डिजाईन किया गया है. ओवरसाइज़ टायर से रोलिंग रोधक क्षमता बढ़ सकती है जो कार की परफॉरमेंस और माइलेज पर बुरा असर डाल सकती है. साथ ही स्पीडोमीटर रीडिंग में अंतर आ जाता है और अगर सर्विस सेण्टर को पता लग गया तो आपकी वारंटी अवैध हो जाती है. साथ ही, बड़े साइज़ का टायर बॉल बेअरिंग में टूट-फूट बढ़ाकर उसकी लाइफ कम कर सकता है.

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