5 कार्स जिन्होंने इंडियन कार मार्केट में सेल्स के झंडे गाड़े!

इंडिया का कार मार्केट बेहद तीव्र गति से बढ़ रहा है और आज आपको मार्केट में कार ऑप्शन्स की भरमार मिलेगी. लेकिन कई ऐसी कार्स हैं जिन्होंने सेल्स के मामले में दूसरों से काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. आज हम आपके लिए ऐसी ही 5 कार्स लेकर आये हैं जिन्होंने अपने लॉन्च होने के बाद से सेल्स के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया.

Hindustan Ambassador

Hindustan Ambassador को आप इंडिया के सबसे पहले कार्स में से एक बुला सकते हैं. और ये कार कितना ज़्यादा बिकी या कितनी फमोसू हुई, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की ये 1958 से 2014 तक कुल 56 सालों तक बनती रही. Morris Oxford पर आधारित Ambassador 80 और 90 के दशक में शान की गाड़ी हुआ करती थी. नेताओं और अफसरों के इसके इस्तेमाल के चलते अक्सर इसे सरकार के पहचान के रूप में भी देखा जाता था.

Maruti Suzuki 800

Maruti 800 इंडियन कार मार्केट की बेताज बादशाह रहेगी. कार को सरकार की मदद से लॉन्च किया गया था और उसे बाद इसने अपनी राह पकड़ी और ये इंडिया की सबसे पॉपुलर पैसेंजर कार्स में से एक बन गयी. Maruti 800 को पहले SS80 के नाम से जाना जाता था और इस कार ने अपने कम कीमत और लम्बे समय तक चलने वाले इंजन के साथ इंडियन कार मार्केट को बदल कर रख दिया. 800 इंडिया के कार मार्केट के नींव की पत्थर है.

Maruti Suzuki Esteem

कहा जा सकता है की हैचबैक सेगमेंट में जो कद Maruti 800 का था, लॉन्च के बाद Maruti Suzuki Esteem सेडान सेगमेंट में भी वैसी ही कद्दावर गाड़ी थी. Maruti Esteem असल में Suzuki Cultus का सेकंड जनरेशन मॉडल थी. 1994 में लॉन्च ही इस कार को 2008 में बंद कर दिया गया था. लेकिन कम ही लोगों को याद होगा की Esteem असल में Maruti 1000 का अपडेटेड मॉडल थी. अपने समय में ये कार बेशक ही एक स्टेटस सिंबल हुआ करती थी.

Tata Indica

आज मार्केट में डीजल कार्स बेहद मशहूर हो चुके हैं लेकिन इंडिया की पहली डीजल हैचबैक होने का खिताब Tata Indica के नाम है. Indica के आईडिया पर काफी अवरोधों को झेलने के बाद Ratan Tata ने ये सुनिश्चित किया की Indica डीजल मार्केट में आये. Indica भले ही बाद में टैक्सी मार्केट में ज्यादा फेमस हुई हो, एल्किन यही वो कार थी जिसने Tata को कार मार्केट में एंट्री दिलाई और इस मुकाम पर ला खड़ा किया की आज Tata अपने Harrier जैसे मॉडर्न कार लॉन्च करने के काबिल बनी है. इसके साथ ही ये वो पहली कार थी जिसे पूरी तरह से इंडिया में ही विकसित कर यहीं बनाया जाता था.

Premier Padmini

Premier Padmini इंडिया में 1970 से 1998 तक बेची जाती थी. इसे इंडिया में Premier Automobiles Limited द्वारा Fiat से लाइसेंस के तहत बेचा जाता था. शुरू में इसे Fiat 1100 Delight के नाम से मार्केट किया गया था लेकिन बाद में इसे 1970 के शुरूआती सालों में Premier Padmini का नाम दिया गया. एक लम्बे समय तक Hindustan Ambassador के विकल्प के रूप में केवल Premier Padmini ही उपलब्ध थी. और ये कार Ambassador से बेहतर परफॉरमेंस ऑफर करती थी जिसके चलते लोग इसे रैली और रेस में भी इस्तेमाल किया करते थे.