10 बेवकूफी भरी हरकतें जो भारतीय अक्सर सड़कों पर करते आते हैं नज़र

भारत में लोग अक्सर किसी भी दुर्घटना के बाद आवारा जानवरों और ख़राब सड़कों को दोष देते नज़र आते हैं. वैसे तो इन चीज़ों से गाड़ी चलते समय परेशानी होतो ही है पर आखिर असल दोष किसका होता है. जी हाँ, अधिकतर लोगों को भारत में नियमों की पूरी जानकारी नहीं है और वह अपनी पूरी जिंदगी गलतियाँ करते-करते बिता देते हैं. कुछ लोग तो ऐसी गलतियाँ जानबूझ कर भी करते हैं. यहाँ पेश है एक सूची ऐसी ही 10 गलतियों की जिन्हें आप अक्सर भारतीयों को दोहराते हुए सड़कों पर देख सकते हैं.

सनरूफ का बेजा इस्तेमाल

Sunroof Stupidity 1

पिछले कुछ समय में सनरूफ भारत में काफी मशहूर और लोकप्रिय हुईं हैं. अब नए कार खरीददार ज़्यादातर ऐसे मॉडल खरीद रहे हैं जो सनरूफ से लैस होती हैं. मगर एक सनरूफ गाड़ी और कन्वर्टिबल गाड़ी में फर्क होता है. सनरूफ का इस्तेमाल भारतीय अक्सर किसी बालकनी की तरह करते हैं. सुनाने में सनरूफ से सर बाहर निकाल कर मज़े करना अच्छा लग सकता है पर असल जिंदगी में यह काफी नुकसानदायक हो सकता है. अगर कार में अचानक ब्रेक लगाये जाएँ या सड़क पर कोई झटका आये तो इससे सनरूफ से सर बाहर निकाले हुए लोगों को चोट लग सकती है. इतना ही नहीं, सड़कों पर पड़ा हुआ कूड़ा या बिजली के तार भी सनरूफ का मज़ा ले रहे लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं. सनरूफ का इस्तेमाल ताज़ी हवा के प्रवाह और सर्दियों में धूप कार में आने देने के लिए किया जाना चाहिए. मगर इन से सर भरा निकलना जानलेवा साबित हो सकता है.

हाई-बीम

High Beam

यह एक ऐसी समस्या है जिससे भारत में हर कार चालक को दो-चार होना पड़ा है. सड़क पर हाई-बीम का अचानक इस्तेमाल सामने से आ रहे लोगों को कुछ पलों के लिए अंधा बना सकता है. भारत में ज़्यादातर लोगों को हाई-बीम का इस्तेमाल करना नहीं आता. वह रात होते ही इसे सड़क पर हर तरफ चमकाने लगते हैं और इससे सामने से आ रहे लोगों को ख़ास परेशानी होती है. एक सिंगल-लेन रोड पर तो हाई-बीम के बेतहाशा इस्तेमाल से अक्सर बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं. इसलिए सड़कों पर गाड़ी चलाते समय लोगों को लो-बीम पर ही कार चलानी चाहिए.

आपातकालीन लैंप

Hazard Lamps

जैसे कि इन लाइट के नाम से पता चलता है, इनका इस्तेमाल केवल आपातकालीन परिस्थितयों में ही किया जाना चाहिए. हमारे हिसाब से इनका इस्तेमाल केवल तभी किया जाना चाहिए जब आप आपकी कार ख़राब हो गयी हो. मगर अब इन लैम्प का इस्तेमाल करना एक फैशन सा हो गया है. लोग अक्सर काफी तेज़ आवाज़ पर गाने चला इन लाइट्स को चमकाते हैं और सड़क पर तमाशा खड़ा कर देते हैं. कई लोग भारी बारिश में या कोहरे के समय भी इनका इस्तेमाल करते हैं. ऐसी प्रवत्तियों के कारण अक्सर सड़क पर बड़ी दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं.

ORVMs का इस्तेमाल नहीं करना

Folded Orvm

हमारे देश में कई लोग कार चलाते वक़्त अपने बहार वाले रियर व्यू मिरर (ORVM) बंद ही रखते हैं. हम इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि अन्दर मौजूद रियर व्यू मिरर काफी लाभदायक होते हैं मगर ORVM जैसी सुविधा कोई नहीं दे सकता है. भारी भीड़ और ट्रैफिक में ORVMs बंद कर देना कोई बुरी बात नहीं है पर इनको हमेशा बंद रखना काफी खतरनाक साबित हो सकता है. इनके बिना आपको पता भी नहीं चलेगा कि आपके पीछे सड़क पर हो क्या रहा है.

U-टर्न लेने के बाद रिवर्स लेना

अब यह तो बेवकूफी ही है मगर फिर भी लोग अक्सर इस करतब को करते हुए देखे जा सकते हैं. इस कारण भयंकर दुर्घटनाएं हो सकती हैं जिसकी वजह से जान और माल का भारी नुक्सान हो सकता है. इसलिए बेहतर यही होगा कि आप U-टर्न का ध्यान रखें और पीछे मुड़ने की नौबत ना आने दें. वरना पीछे से तेज़ गति से आ रहीं कार्स आपकी जान की दुश्मन साबित हो सकती हैं.

टेल-गेटिंग (किसी गाड़ी के पीछे-पीछे चलना)

https://youtu.be/Y_o-FPbwUTw

टेल-गेटिंग का मतलब होता है किसी लम्बी दूरी के सफ़र में एक कार के पीछे- पीछे चलना. इस तरह की हरकतों से वाकिफ होते हुए भी कई लोग ऐसा करने से बाज़ नहीं आते. लोग ऐसा अक्सर हाईवे पर तेज़ गति से गाड़ी चलाते वक़्त भी करते हैं. बताते चलें कि ऐसा करते समय दुर्घटना की सम्भावना बढ़ जाती है. ऐसा इसलिए कि ऐसा करते समय दोनों गाड़ियों के बीच दूरी बहुत कम रह जाती है. ऐसे में अगर जिस गाड़ी का आप पीछा कर रहे हैं वह ब्रेक लगाती है, तो अधिक सम्भावना यह है कि आपकी उस कार से टक्कर हो सकती है.

खतरनाक किनारों पर पार्किंग

कई ड्राईवर — खासकर पहाड़ियों पर — अपनी कार्स ऐसी जगह पार्क कर देते हैं जहाँ से वह आसानी से नज़र नहीं आतीं. ऐसे में सड़कों पर तेज़ गति से आ रहीं कार्स की इनसे टक्कर हो सकती है. ऐसे मोड़ों पर अचानक कार खाड़ी देख अगर कोई चालक ज़ल्दी से ब्रेक लगाता भी है तो भी टक्कर काफी तेज़ होगी और कार में बैठे सभी लोगों को चोट भी आएगी.

सड़क पर गलत तरफ कार चलाना

यह कुछ ऐसा है जो हर कोई करता है और जानबूझ कर करता है. अक्सर लोग समय और ईधन बचाने के लिए यह तरकीब अपनाते हैं और दुर्घटनाओं का आसानी से शिकार हो जाते हैं. तेज़ गति से चलते ट्रैफिक में ऐसा कुछ भी करना जानलेवा साबित हो सकता है. इतना ही नहीं, यज भारतीय ट्रैफिक कानूनों का भी सीधा-साधा उलंघन है. तो अगर आपको अपनी और दूसरों की जान की चिंता ना भी हो तो कम से कम नियम तोड़ने पर जमा होने वाले भारी जुर्माने और जेल की सलाखों से ही डरें.

फूटपाथ पर कार चलाना

Bike Footpath

कई बार बाइक चलाने वाले लोग ट्रैफिक से बचने के लिए छोटे-संकरे रास्तों पर निकाल पड़ते हैं और राहगीरों की जान के दुश्मन बन जाते हैं. यह काफी खतरनाक है और इससे बाइक चालकों की जान को भी उतना ही खतरा होता है. इसलिए बेहतर है कि 3 से 4 मिनट का इंतज़ार कर लें मगर ऐसे शोर्ट-कट से बचें.

समूह में कार या बाइक चलाना

कई लोग हफ्ते के अंत में अपने दोस्तों के साथ बाइक या कार चलने निकाल पड़ते हैं. यह जितना मज़ेदार है उतना ही खतरनाक भी. ऐसे लोग अक्सर बातों में लग जाते हैं और सड़क पर ट्रैफिक नियमों को टाक पर रख देते हैं. यह काफी गलत बात है और इससे बड़ी दुर्घटना की काफी सम्भावना रहती है. इसलिए हमारी सलाह है कि साथ में बाइक या गाड़ी चलते वक़्त चिह्न भाषा का इस्तेमाल करें. अगर बात करने का ही मन है तो सड़क के किनारे कहीं रुक जाए और फिर आराम से बात करें.

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