10 अवैध कार मॉडिफिकेशन्स जो आपकी कार ज़ब्त करवा सकते हैं

ऑटोमोबाइल में मॉडिफिकेशन कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक बड़ी संस्कृति है, भारतीय नियम इसके बारे में काफी सख्त हैं. जी हां, आपके वाहन को मॉडिफाई करने के कानूनी तरीके हैं, लेकिन इसमें ARAI द्वारा आपकी कार का परीक्षण करने या RTO से अपडेटेड रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने की लम्बी प्रक्रिया शामिल है. ऐसा नहीं करने से आपकी गाड़ी तुरंत पुलिस द्वारा जब्त कर ली जाएगी. यहां ऐसे दस मॉडिफिकेशन्स हैं जो भारत में अधिकारियों को सूचित किए बिना अवैध हैं.

कार को Limousine में तब्दील कर देना

वाहन में संरचना को बदलने में शामिल कोई भी मॉडिफिकेशन अवैध है. एक नियमित कार को खींचकर इसे एक limousine बना देने का मतलब है कि कार को आधे में काटा जाना चाहिए और फिर इसमें बीच में एक्स्ट्रा बॉडी लगानी होती है. यदि ये सही तरीके से नहीं किया गया तो यह संरचनात्मक परिवर्तन खतरनाक हो सकता है. यदि आपकी कार को लिमोसिन (limousine) में परिवर्तित किया गया है और यदि इसका इस्तेमाल सार्वजनिक सड़कों पर ARAI द्वारा प्रमाणित किए बिना किया जा रहा है, तो इसे तुरंत जब्त किया जा सकता है.

इसका आकार छोटा कर देना

जबकि ज्यादातर लोग अपने वाहनों के लिए स्ट्रैच जॉब के लिए जाते हैं, ऐसे कई उत्साही हैं जो सड़क पर अधिक ध्यान पाने के लिए अपने वाहन की लंबाई को कम करवा लेते हैं. फिर से वाहन को छोटा करना इसकी संरचना को बदल देता है और यह बेहद खतरनाक हो सकता है. ARAI प्रमाणन प्राप्त करने और वाहन की लंबाई में बदलाव करने के लिए भारत में बिकने वाले प्रत्येक वाहन के लिए यह अनिवार्य है कि इसे सरकारी प्राधिकरण द्वारा फिर से प्रमाणित करना होगा.

कस्टमाईजिंग

वाहन के लुक्स में बदलाव करना या उसपर दूसरी बॉडी लगा देना अवैध है. एक प्रतिकृति बनाने के लिए वाहन को अनुकूलित करना आपकी कार को तुरंत जब्त करवा सकता है. ऐसे कई उदाहरण हुए हैं जब पुलिस ने भारत में अनुकूलित बाइक्स और कार्स को ज़ब्त कर लिया है.

कनवर्टिबल

कन्वर्टिबल कार भारत में काफी महंगी हैं. आसान तरीका लेते हुए, कई लोग कन्वर्टिबल लुक पाने के लिए अपने वाहन की छत कटवा देते हैं. हालांकि यह देखने में अच्छा लग सकता है, पर यह अवैध है क्योंकि इस से वाहन की संरचना बदल जाती है और साथ ही कमज़ोर हो जाती ह.। सभी कन्वर्टिबल कारों में एक एक्स्ट्रा मजबूत बॉडी होती है जो उन्हें अपने ठोस छत वर्शन्स से ज्यादा भारी बनाती है.

एग्ज़ोस्केलेटन

वाहनों में उनकी बॉडी को अधिक कठोर बनाने के लिए और रोलओवर के दौरान निवासियों को बचाने के लिए एक बाहरी रोल-केज लगाया जाता है. इस तरह के मॉडिफिकेशन्स ज्यादातर गंभीर ऑफ-रोडिंग वाहनों पर किए जाते हैं. एक्सोस्केलेटन वाहन के वजन को बढ़ाता है और इसके टॉप को भारी बनाता है जिस से इन वाहनों की आम सड़कों पर आसानी से पलट जाने की संभावनाएं रहती हैं. हालांकि प्राइवेट इवेन्टस पर इन कार्स को चलाना पूरी तरह से कानूनी है, लेकिन ये सार्वजनिक सड़कों पर अवैध हैं और पुलिस बल द्वारा जब्त किए जा सकते हैं.

प्रेशर हॉर्न्स

भारत सरकार ने किसी भी वाहन के हॉर्न्स के लिए 82 डेसिबल की सीमा तय की है. वाहनों में सभी स्टॉक हॉर्न इस मानदंड का अनुपालन करते हैं. हालांकि, ऑफ्टरमार्केट हॉर्न्स और प्रेशर हॉर्न्स इन्तेहाही जोरदार होते हैं और ध्वनि प्रदूषण का कारण बनते हैं. यदि आपने ऑफ्टरमार्केट हॉर्न्स लगवाए हैं, तो हमेशा डेसिबल रेटिंग की जांच करें. प्रेशर हॉर्न्स भारत में कानूनी नहीं हैं और उन्हें बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

ऑफ्टरमार्केट एग्जॉस्ट

हॉर्न्स की तरह, एग्जॉस्ट में भी अधिकतम डेसिबल रेटिंग होती है और यदि एग्जॉस्ट बहुत तेज़ आवाज़ वाला होता है, तो आपका वाहन ज़ब्त किया जा सकता है. जबकि कई अत्यधिक प्रशंसित एग्जॉस्ट निर्माता स्ट्रीट-लीगल एग्जॉस्ट प्रदान करते हैं, इनमें से अधिकतर परफॉर्मन्स ऑफ्टरमार्केट एग्जॉस्ट बेहद शोर मचाते हैं और इन्हें केवल रेसिंग ट्रैक जैसे प्राइवेट एरियाज में उपयोग करने की अनुमति है.

वाहन के वज़न में बदलाव

भारत में बेचे जाने वाले सभी वाहनों को ARAI द्वारा समेकित किया जाता है और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर वजन का उल्लेख किया जाता है. यदि आप वाहन को इस तरह से मॉडिफाई करते हैं कि उसका वजन ओरिजिनल वज़न से 2% से अधिक हो जाता है, और पुलिस इसे जांचती है, तो आश्वस्त रहें कि आपका वाहन जब्त कर लिया जाएगा. वाहन का वज़न घटता या बढ़ता एलॉय व्हील्स उपग्रडेस, परफॉर्मन्स बॉडी पार्ट्स जैसे कार्बन फाइबर बोनेट और इसी तरह की चीजों के कारण है.

पॉवर बढ़ाना

ट्यूनिंग बॉक्सेस, ECU रीमेप्स और ECU स्वैप बाजार में उपलब्ध हैं जो आपके इंजन की पॉवर को बढ़ा सकते हैं. हालांकि, सार्वजनिक सड़कों पर ऐसी कारों को चलाना अवैध है. कार के इंजन में अधिक पॉवर पंप करना खतरनाक हो सकता है और आपकी कार का इंजन ठप हो सकता है. यदि इंजन, स्टॉक की तुलना में बहुत अधिक संचालित है, तो यह चेसिस पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है और बड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है. यदि पुलिस को उच्च इंजन आउटपुट के बारे में पता चल जाए, तो वे निश्चित रूप से वाहन को ज़ब्त कर लेगी.

इंजन बदल देना

इंजन स्वैपिंग का अर्थ है वाहन में एक नया इंजन या एक अधिक शक्तिशाली इंजन डालना. हालांकि यह मजेदार लग सकता है, पर यह अवैध है. वाहन की सुरक्षा के अलावा, कई चोर इंजन अलग-अलग बेचते हैं और यदि पुलिस को पता चलता है कि वाहन के इंजन पर छपा नंबर RC पर उल्लेखित नंबर से अलग है, तो आपके वाहन को जब्त किया जा सकता है.