बेहतरीन बीच ड्राइविंग अनुभव के लिए ये 10 बातें जानना है ज़रूरी…

बीच ड्राइविंग एक अनोखा एक्सपीरियंस हो सकता है लेकिन इसके लिए तैयारी और सावधानी की ज़रुरत होती है. एक गलती और और पूरा बीच एक्सपीरियंस गुड़ गोबर हो सकता है. तो ऐसी कौन ई आम गलतियां हैं जो लोग बीच पर ड्राइविंग के दौरान करते हैं? पेश हैं ऐसी ही 10 गलतियां जो आपके बीच के अनुभव को बुआ बना सकती हैं.

बीच को जानिये

अलग जगहों के बीच की बालू की अलग-अलग गुण होते हैं. कई जगहों पर ऐसी बालू होती है जो काफी कड़ी होती है और उसपर भारी वाहन चल सकते हैं. वहीँ कई जगहों पर बालू ढीली होती है और आपकी कार वहां फँस सकती है. तो अपनी कार वहां ले जाने से पहले बीच के बारे में जान लेना काफी ज़रूरी है.

जहां आपकी गाड़ी बालू में फँस सकती है, कुछ ऐसे चिन्हित बीच हैं जहां आप ड्राइव कर सकते हैं. Kerala का Muzhappilangad बीच ऐसा ही एक बीच है जहां आप अपनी गाड़ी नियमतः ले जा सकते हैं. ये एशिया का सबसे लम्बा बीच है और एक छोटी सी एंट्री शुल्क अदा कर आप अपनी गाड़ी अन्दर ले जा सकते हैं. अगर बीच ड्राइविंग के लिए चिन्हित नहीं की गयी है तो वहां की पुलिस या आसपास के लोगों से पूछ लें की वहां ड्राइविंग की जा सकती है या नहीं.

किनारे के पास पार्किंग

ये वो सबसे बड़ी गलती है जो लोग कर बैठते हैं. ऐसा हो सकता है की सूखी हुई बीच इतनी कड़ी है की एक गाड़ी का वज़न संभाल ले लेकिन पानी के आने से वो गीली हो जाती है और तब मुश्किलें आनी शुरू होती हैं. साथ ही लहर अपने साथ कुछ बालू ले जाती है और इससे आपकी गाड़ी और भी ज़्यादा धंस सकती है. और पानी के पास गाड़ी लगाने से पानी के एग्जॉस्ट मफलर में घुसने का खतरा बाण रहता है जिससे गाड़ी दिमागे हो सकती है. खारा पानी काफी क्षारक होता है और वो गाड़ी के मेटल पार्ट्स की लाइफ कम कर सकता है.

लहरों को जानें

जब ज्वार आता है, पानी का स्तर काफी तेज़ी से बढ़ता है. अगर आपने किनारे से थोड़ी दूरी पर भी गाड़ी खड़ी की है, ऊंचे ज्वार के दौरान पानी काफी तेज़ी से आपके गाड़ी के पास पहुँच सकती है और कार उसमें डूब भी सकती है. पहले से ज्वार का समय जान लेना और किनारे पर नज़र बनाये रखना ज़रूरी होता है.

हल्का वाहन

एक भारी वाहन बीच पर आसानी से डूब सकता है क्योंकि भारी वाहन अपने संकरे टायर्स पर ज़्यादा प्रेशर डालता है जिससे गाड़ी आसानी से डूब जाती है. अगर संभव हो तो हमेशा बीच पर जाने से पहले गाड़ी से भारी सामान हटा लें और कार में कम लोगों के साथ सफ़र करें.

गहरे पानी में उतरना

हाँ, इसमें मज़ा आता है लेकिन गहरे पानी में जाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. सतह के नीचे गड्ढे या नरम जगहें हो सकती हैं और उनसे आपकी गाड़ी पलट भी सकती है. हमेशा गहरे पानी से दूर रहे और किनारे से जितनी दूरी हो सके बनाये रखें.

तैयार न रहना

हमेशा सबसे बुरे हालात की तैयारी करें. भले ही ऐसा लगता हो की बीच ड्राइविंग के लिए सही है, और सतह पर्याप्त रूप से सख्त है कैसी भी दुर्घटना घट सकती है. अगर कुछ अप्रत्याशित रूप से हो जाए और बीच सुनसान जगह पर है, आप बड़ी मुश्किल में फँस सकते हैं. अगर आप किसी अनजान बीच पर जाएँ, इस बात को सुनिश्चित कर लें की आपके लिए एक बचाव गाड़ी इंतज़ार कर रही हो. ग्रुप में ट्रेवल करना ये भी सुनिश्चित करता है की मदद हमेशा आसपास रहेगी.

बुद्धि का इस्तेमाल करें, बल का नहीं

अगर आपकी गाड़ी फँस जाती है, बिना सोचे समझे गाड़ी को एक्सीलीरेट करना आपको और भी बुरा फंसा सकता है. अगर चक्के एक जगह घूम रहे हों, एक्सीलीरेशन गाड़ी को और नीचे लेकर जा सकता है. फ्रंट व्हील्स की दिशा बदल धीरे-धीरे कोशिश करना अक्सर काम कर जाता है. सबसे अच्छा ऑप्शन है बाहर से मदद लेकर गाड़ी को धक्का देना. ये आपकी गाड़ी को टो करना या कुछ लोगों की मदद से धक्का देना भी हो सकता है, लेकिन ये है सबसे सेफ ऑप्शन.

अपनी गाड़ी को जानिये

अपनी गाड़ी और उसकी सीमाओं को जानना बेहद ज़रूरी होता है खासकर बीच जैसे चुनौती भरे जगह पर ड्राइविंग करते हुए. कई बार 4X4 गाड़ियों के ओनर फंसने तक गाड़ी में AWD ऑन नहीं करते. बीच में घुसने से पहले AWD मोड ऑन करना ज़रूरी होता है क्योंकि ये सुनिश्चित करता है की आपकी गाड़ी नहीं फंसेगी. साथ ही, एक बार गाड़ी फँस गयी तो आपके अकेले के इसे निकलने की उम्मीद काफी कम होती है और ऐसे में आपको अपने कार की सीमा जानना ज़रूरी होता है.

एयर प्रेशर कम करें

ट्रैक्शन बढाने के लिए कार के टायर्स का प्रेशर कम करना बहुत मदद करता है. कम प्रेशर से टायर और सतह के बीच संपर्क का एरिया बढ़ जाता है. बड़े एरिया का मतलब है की वज़न डोर तक फैलता है और सतह पर कम भार पड़ता है. 10-15 PSI प्रेशर कम करने से संपर्क एरिया काफी बढ़ जाता है और गाड़ी आसानी से नहीं फंसती.

बॉडी पर खारे पानी को थोड़ी देर जमने देना

खारा पानी काफी ज़्यादा क्षारक होता है और ये बॉडी पेंट को डैमेज करने के साथ ही बॉडी में काफी जल्दी ज़ंग भी लगा देता है. खारा पानी बॉडी पर मार्क छोड़ सकता है. इसलिए बीच ट्रिप के बाद कार को अच्छे जगह धुलवाना ज़रूरी होता है. बीच से आ रही गाड़ी की उन्देर्बोद्य को भी साफ़ करना काफी ज़रूरी होता है.