Mahindra XUV500 के बारे में 10 बातें जो आप नहीं जानते

भारतीय बाजार में Mahindra की सबसे प्रीमियम SUV, XUV500, साल 2011 में लॉन्च हुई थी और तब से आज तक ये सेल्स चार्ट पर राज करती रही है.  इतना मशहूर गाड़ी होने के बावजूद लोगों को इस SUV के कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी नहीं है. पेश हैं आपके लिए ऐसे ही 10 तथ्य.

पहली मोनोकॉक Mahindra

Xuv500 Monocoque Frame

Mahindra हमेशा से ही अपने मज़बूत फ्रेम के लिए जानी जाती है. XUV500 Mahindra की पहली SUV है जिसमें मोनोकॉक चेसी लगा है. कार निर्माता के लिए ये बहुत बड़ी उपलब्धि थी क्योंकि XUV500 के लॉन्च से पहले, Mahindra को बॉडी-ऑन-लैडर SUV निर्माता के तौर पर ही जाना जाता था.

सबसे अधिक फीचर्स वाली Mahindra

Mahindra Xuv500 Features

2011 में अपने लॉन्च के वक़्त XUV500 कंपनी की एक ऐसी SUV थी जिसमें सबसे ज़्यादा फीचर्स डाले गए थे. तब से अब तक ये सिलसिला बरक़रार है और Mahindra के दूसरे मॉडल्स के लिए इतने सारे फीचर्स का एक साथ होना एक सपने के सामान है. अपने लॉन्च के समय ये पहली Mahindra SUV थी जिसमें टच-स्क्रीन सिस्टम के साथ नेविगेशन सिस्टम और मूड लाइटिंग जैसे अन्य प्रीमियम फीचर दिए गए थे. XUV500 कम्पनी की पहली SUV है जिसमें फैक्ट्री फिटेड सनरूफ लगाया गया था.

Mahindra की सबसे सुरक्षित कार

Xuv500 Airbags

Mahindra के सभी SUV मॉडल्स में से XUV500 सबसे सुरक्षित SUV है. इस कार में ड्यूल एयरबैग्स, ABS और EBD स्टैण्डर्ड थे. बेहतर ब्रेकिंग कंट्रोल के लिए चारों व्हील्स में डिस्क ब्रेक्स स्टैण्डर्ड हैं. लॉन्च के समय से ही टॉप मॉडल्स में 6 एयरबैग्स और हिल-होल्ड-असिस्ट फीचर्स दिए गए थे जो की सेगमेंट फर्स्ट फीचर थे. इन सभी फ़ीचर्स के चलते ही XUV500 सबसे सुरक्षित SUV कही जाती है.

लक्ज़री SUVs जितनी शांत

Hyundai Santa Fe

XUV500 को इस प्रकार विकसित किया गया था कि ये उपभोक्ता को महंगी गाड़ियों वाला आराम और गुणवत्ता दे पाए. Mahindra ने निम्न NVH लेवल्स के साथ एक शांत केबिन विकसित कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है. इसे बनाने के लिए इस्तेमाल किये सामान का फिट और फिनिश इसे Santa Fe और Captiva जैसी ज़्यादा महंगी SUVs के स्तर पर ला खड़ा कर देती है.

BlueSense ऐप

Blue Sense App

गाड़ी के मालिकों को एक बेहतर यूज़र एक्सपीरियेन्स देने और XUV500 से उनके जुड़ाव को बढ़ावा देने की मंशा के साथ Mahindra ने 2012 में Blue Sense नाम का एप्लीकेशन लॉन्च किया था. इस फीचर को केवल उस समय के टॉप वेरिएंट W8 में ही उपलब्ध कराया गया था. इससे उपभोक्ता अपने एंड्राइड फोन के ज़रिये गाड़ी के मल्टीमीडिया को नियंत्रित कर सकता था. इसके अलावा दूसरे छोटे बदलावों के साथ क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम और TPMS जैसे फीचर्स को भी जोड़ा गया.

Mahindra की अब तक की सबसे तेज़ गाड़ी

Mahindra Xuv500 Facelift

XUV500 न केवल Mahindra की सबसे प्रीमियम वरन सबसे तेज़ SUV है. XUV500 में 2.2-लीटर mHawk इंजन लगा है जो लगभग 154 बीएचपी पॉवर और 360 एनएम का अधिकतम टॉर्क देता है और इसके साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स जोड़ा गया है. 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार XUV500 केवल 12.5 सेकंड में पकड़ सकती है. इसकी अधिकतम स्पीड 180 किमी प्रति घंटा से ज़्यादा की है.

प्रतिबंध से बचने के लिए इसमें छोटा इंजन लगाया गया

NGT ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में 2 लीटर से ज़्यादा क्षमता वाली डीजल इंजन SUVs पर प्रतिबन्ध लगा दिया था. NGT के मानदंडों पर खरा उतरने के लिए Mahindra ने अपने XUV500 और Scorpio मॉडल्स के लिए एक नए 1.99-लीटर इंजन को विकसित किया. बहरहाल, इंजन को छोटा किये जाने से गाड़ी की परफॉरमेंस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा. नया 1.99-लीटर इंजन लगभग 140 बीएचपी पॉवर और 320 एनएम टॉर्क देता है, जो उस ज़माने के बड़े इंजनों के समकक्ष है.

Corolla Altis से अधिक बिकने वाली गाड़ी

Toyota Corolla

Mahindra XUV500 की हर महीने लगभग 2500 इकाइयां बिकती हैं जो इसे Mahindra की सबसे अधिक बिकने वाली गाड़ी के श्रेणी में ला खड़ा करता है.  XUV500 की बिक्री के ये आंकड़े, Skoda Octavia, Toyota Corolla, Volkswagen Jetta and Hyundai Elantra जैसी D-सेगमेंट सेडान कारों के कुल बिक्री के आंकड़ों से अधिक हैं.

कार रैलीज़ में भी इसका खूब इस्तेमाल होता है

Xuv500 Rally

XUV500 न केवल आम सड़कों पर, बल्कि कार रैलीज़ और सर्किट प्रतियोगिताओं में भी बाकि गाड़ियों को मात देती है. ये पहली डीज़ल SUV है जिसने 2014 में Indian Rally Championship और Desert Storm Rally जीती हैं.

इस SUV को बनाने वाले कर्मचारियों को भी रोचक लाभ मिलते हैं

XUV500 से न केवल उसके उपभोक्ताओं को बल्कि इसको बनाने वाले कर्मचारियों को भी आराम मिलता है. Mahindra ने XUV500 के प्रोडक्शन के लिए MAPS (Mahindra Advanced Production System) नाम का एक सिस्टम अपनाया, ये प्रोडक्शन लाइन पर उसको बनाने वाले कर्मचारियों के तनाव को कम करता है. ये नयी तकनीक कर्मचारियों को थकान और तनाव से दूर रखती है जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ाई जा सके.