इंडिया की 10 ऐसी गाड़ियाँ जो आज किसी को भी याद नहीं हैं

इंडियन कार मार्केट में आपको ढेर सारे ऑप्शन्स मिल जायेंगे, सेग्मेंट्स से लेकर कार कस्टमर तक. जहां इनमें से कुछ काफी पॉपुलर रहे हैं, बाकी के बारे में कई लोगों ने सुना भी नहीं. आज हम ऐसी ही 10 कार्स पर एक नज़र डालते हैं.

Quantum Ocal

हम दावे के साथ कह सकते हैं की आपने इस 2+2 ब्रिटिश कनवर्टिबल के बारे में पहले नहीं सुना होगा. Quantum Ocal अपने निर्माता के लिए सबसे सफल कार रही थी. लेकिन इंडिया में इसके बारे में कोई जानता तक नहीं. ये कार इंडिया में 1997 में आई थी और Mumbai के एक डीलरशिप द्वारा बेची जाती थी. ये कार काफी आकर्षक लगती थी और निर्माता के अनुसार चलाने में भी अच्छी थी. और कहा जाता है की अगर किसी ने एक बार में 9 Quantums बुक कीं, तो उसे 10वीं कार का बुकिंग अमाउंट नहीं देना पड़ता. लेकिन ऐसा हाल था की एक भी कार नहीं बिकी.

Mahindra Legend

Mahindra Legend एक कम फेमस SUV थी जो 1953 Willys MD-M38A1 पर आधारित थी. जहां इस Willys को कोरियाई युद्ध के दौरान इस्तेमाल किया गया था. Legend की बॉडी MM540.550 से ली गयी थी और इसके हुड पर ‘Legend’ के बड़े डीकैल थे. Mahindra Legend में एक 2,523- सीसी DI डीजल मोटर था जो बाद में Bolero Camper में भी मिलता था. Legend के दूसरे हाइलाइट्स में 16-इंच के चक्के, रोल केज, और रूफ पर लगे 4 औक्स लैंप शामिल थे. Legend में पॉवर स्टीयरिंग नहीं थी और इसकी कीमत 6 लाख रूपए थी. रोड पर इसकी एक भी प्रति ढूंढना मुश्किल है.

Tata Zing

Tata Nano इंडिया की सबसे सस्ती कार है. लेकिन Nano से बहुत पहले Tata Motors ने Zing नाम के एक माइक्रो-कार के कांसेप्ट पर काम किया था. Indica की इंडिया में सफलता के बाद Tata Zing प्रोजेक्ट शुरू हुआ था. Zing कांसेप्ट को सन 2000 में रिलीज़ किया गया था. कंपनी ने इस छोटी कार के लॉन्च के लिए एक स्टडी भी की थी. लेकिन इसमें हिस्सा लेने वाले लोगों को Zing कुछ ख़ास पसंद नहीं आई थी. इसलिए इस प्रोजेक्ट को दरकिनार कर दिया गया. और कई साल के बाद Tata अपनी Nano लेकर आई.

Tata Aria Coupe

नहीं Aria Coupe का Aria MPV से कोई वास्ता नहीं था. Aria Coupe कांसेप्ट को Aria MPV के मार्केट में आने से काफी पहले दिखाया गया था. इस कनवर्टिबल को 2001 Geneva Motor Show में डिस्प्ले किया गया था. Tata इस स्पोर्टी कूपे को लॉन्च करने को लेकर काफी गंभीर थी और Mr Ratan Tata ने ये भी कहा था की कंपनी इसके निर्माण के लिए एक जगह ढूंढ रही है. लेकिन फिर उसके बाद Aria कूपे का प्रोडक्शन नहीं हुआ.

Hindustan Mini Ambassador

हाँ, Ambassador ने भी सब-4 मीटर सेडान ट्रेंड को भुनाने की कोशिश की थी. असल में, Hindustan Motors ने इस पुराने मॉडल की पॉपुलैरिटी बढाने के लिए इसका एक सब-4 मीटर वर्शन लाने की कोशिश की थी. इससे HM अपने Ambassador को और भी अच्छे से प्राइस कर पाती. कहा जाता है की Hindustan Motors इसे लॉन्च करने के काफी करीब भी आ गयी थी.

Rajah Kazwa

Kazwa MPV Kerala के Rajah motors की प्रोडक्ट थी. Kazwa MPV को इंडिया में Toyota Qualis के लॉन्च से दो साल पहले यहाँ के मार्केट के लिए अनुमति मिली थी. Rajah Motors ने Kazwa MPV के प्रोडक्शन के लिए Hindustan Motors से करार किया था. इसके तहत, HM को हर साल 150 कार्स बनाने को कहा गया था. Kazwa असल में Renault Escape से काफी ज़्यादा प्रेरित थी. लेकिन, इसमें वही 2.0-लीटर डीजल इंजन था जो Ambassador में लगा होता था. ये MPV मार्केट में Escape से समानताओं के कारण Renault के केस के डर से कभी नहीं आई.

Tata Pr1ma

Tata Pr1ma एक सेडान कांसेप्ट थी जिसे मशहूर कार डिज़ाइनर Pininfarina ने डिजाईन किया था. Pr1ma असल में Indigo प्लेटफार्म पर आधारित थी और इसने 2009 Geneva Motor Show में डेब्यू किया था. ये कार प्रोडक्शन रेडी दिख रही थी लेकिन कभी मार्केट में आई नहीं. इसे D-सेगमेंट में उतारा जाना था लेकिन एक दशक पहले महंगे सेडान्स की लो पॉपुलैरिटी के वजह से ये मार्केट में आई नहीं.

Daewoo Matiz facelift

जहां आपमें से कई लोगों को Daewoo Matiz याद होगी, पब्लिक को पसंद आने वाली कार जिसके क्यूट लुक्स, पेपी इंजन, और आरामदायक केबिन ने सभी को इम्प्रेस किया था. इसके इंडिया में लॉन्च होने वाले फेसलिफ्ट वर्शन के बारे में सभी लोगों को खबर नहीं होगी. Daewoo ने इसके फेसलिफ्टेड वर्शन को इंडिया में टेस्टिंग के लिए इम्पोर्ट भी किया था. फेसलिफ्ट में 1.04-लीटर इंजन और अपडेटेड स्टाइलिंग थी. इसके इंटीरियर में भी कुछ अपडेट थे. कार में ऑप्शनल ABS और एयरबैग्स भी थे. लेकिन, इसके यहाँ आने से पहले कंपनी ही दिवालिया हो गयी.

Tata Magna

Tata Magna कंपनी के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक थी. इसके निर्माता ने इस कार के कुछ प्रोटोटाइप भी बनाये थे. Magna में वही 120 बीएचपी 2.0-लीटर पेट्रोल इंजन था जो Safari में लगा था. ये सेडान 135 बीएचपी, 3.0-लीटर डीजल इंजन के साथ भी आने वाली थी. साथ ही इसमें रियर व्हील ड्राइव लेआउट भी था. और इंडिया में ये Honda Accord और Hyundai Sonata से टक्कर लेने वाली थी.

Kinetic micro car

Kinetic इंडिया के सबसे अग्रणी मोटरसाइकिल निर्माताओं में से एक हुआ करती थी. ये ब्रांड फ्रेंच कार निर्माता Aixam के साथ एक माइक्रो कार के लिए भी काम कर रही थी. इस माइक्रो कार में 500-सीसी इंजन था और जब इस प्रोजेक्ट को बंद किया गया तब ये कार टेस्टिंग स्टेज में थी. कहा जाता है की ये कार 800 से बहुत सस्ती होती और इसमें 25 किमी/लीटर के माइलेज के साथ 65 किमी/घंटे की टॉप स्पीड मिलती.